Study in Australia

विदेश में जाकर उच्च शिक्षा प्राप्त करने के इच्छुक छात्रों में आस्ट्रेलिया का आकर्षण धीरे-धीरे बढ़ रहा है। आज यहां पर करीब 22000 भारतीय छात्र अध्ययन कर रहे हैं। भारत की ही तरह आस्ट्रेलिया में भी 10+2 तक स्कूली शिक्षा एवं तीन वर्षीय स्नातक पाठयक्रम होता है और यहां के 41 विश्वविद्यालयों की डिग्री की मान्यता पूरे विश्व में है।

आस्ट्रेलिया का सुरम्य वातावरण, सुरक्षित व खुला जीवन दुनिया भर से लोगों को आकर्षित करता है। आस्ट्रेलियाई विश्वविद्यालयों की डिग्री पूरे विश्व में मान्य होने कारण, अब यह देश एक महत्वपूर्ण शिक्षा केंद्र भी बनता जा रहा है। अमेरिका और ब्रिटेन के समान उच्चस्तरीय शिक्षा और रहने-खाने का कम खर्च भारतीय विद्यार्थियों को भी वहां अध्ययन के लिए आकर्षित कर रहा है। जहां 1990 में आस्ट्रेलिया में 500 से भी कम भारतीय पढ़ाई कर रहे थे वहीं 2005 में इनकी संख्या 22,000 के करीब हो गई है। नई दिल्ली स्थित आईडीपी एजूकेशन आस्ट्रेलिया की रेणु पतरास के अनुसार जिस तरह वहां की डिग्री भारतीय छात्रों के बीच लोकप्रिय हो रही है, उससे 2025 तक इस संख्या के 80 हजार तक पहुंच जाने का अनुमान लगाया जा रहा है।

आस्ट्रेलिया के 41 विश्वविद्यालयों में 38 सरकारी अनुदान प्राप्त व अन्य तीन गैर अनुदान प्राप्त हैं जिनकी डिग्री की मान्यता पूरे विश्व में है। इनमें भारत की ही तरह शिक्षा पद्धति लागू है। यहां 10+2 तक स्कूली शिक्षा एवं तीन वर्षीय स्नातक पाठयक्रम होता है। इसी कारण भारतीय छात्रों को किसी संबंधित पाठयक्रम में दाखिला लेने में कठिनाई का सामना नहीं करना पड़ता। वर्तमान दौर में विदेश में शिक्षा प्राप्त करने के लिए आस्ट्रेलिया जाने वाले 90 फीसदी विद्यार्थी मैनेजमेंट, इंफारमेशन टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग, एकाउंटिंग एप्लाइड साइंस और हास्पिटैलिटी से संबंधित पाठयक्रम में प्रवेश लेते हैं। इसके अलावा भारतीय स्टूडेंट्स, बायोटेक्नोलॉजी, कम्यूनिकेशन स्टडीज, आर्ट एंड डिजाइन, स्पो‌र्ट्स, नर्सिग तथा टीचिंग के पाठयक्रमों में भी दाखिला लेते हैं।
आस्ट्रेलिया जाने के इच्छुक अभ्यर्थियों को संबंधित कोर्स और विश्वविद्यालय की पूरी जानकारी लेने के बाद ही नामांकन प्रक्रिया की शुरुआत करनी चाहिए। आस्ट्रेलिया के शैक्षणिक संस्थानों की जानकारी आस्ट्रेलिया एजूकेशन इंटरनेशनल (एईआई) के भारत में नियुक्त प्रतिनिधि से प्राप्त की जा सकती है। जिनका कार्यालय नई दिल्ली स्थित आस्ट्रेलिया दूतावास में है।

पाठयक्रम
आस्ट्रेलिया में अधिकतर पाठयक्रम फरवरी माह से शुरू होते हैं लेकिन कई विश्वविद्यालयों में कुछ चुने हुए पाठयक्रमों की शुरुआत जुलाई में भी होती है। तीन सेमेस्टर वाले अधिकतर पाठयक्रम हर वर्ष सितंबर या अक्टूबर से शुरू किए जाते हैं। बारहवीं कक्षा के बाद मेडिकल, इंजीनियरिंग एवं विज्ञान विषयों में प्रवेश के लिए यहां फाउंडेशन कोर्स संचालित किए जाते हैं। इन कोर्सो में प्रवेश जनवरी, जून एवं अक्टूबर में लिया जाता है। स्नातक कोर्स में प्रवेश बारहवीं कक्षा में प्राप्त अंकों के ही आधार पर मिलता है। वहां भी भारत की ही तरह पारंपरिक विषयों में स्नातक तीन वर्ष का होता है, जबकि इंजीनियरिंग और आर्किटेक्चर पाठयक्रमों की अवधि चार वर्ष है। मास्टर डिग्री चार सेमेस्टरों की होती है। इसकी अवधि 1.5 से 2 वर्ष की है। साथ ही शोध करने के इच्छुक अभ्यर्थी को अपनी थीसिस 2 से 4 वर्ष के भीतर जमा करनी होती है। स्नातक डिप्लोमा या सर्टिफिकेट तथा स्नातकोत्तर डिप्लोमा या सर्टिफिकेट प्राप्त करने की अवधि छह माह से एक वर्ष की है। 1996 के न्यू हॉराइजन काफ्रेंस के दौरान भारत और आस्ट्रेलिया के बीच शैक्षिक गतिविधियों को लेकर समझौते हुए, जिसके तहत दोनों देशों के विश्वविद्यालयों की डिग्रियां एक-दूसरे के यहां मान्य हैं।

जाने की प्रक्रिया
उच्च अध्ययन के लिए आस्ट्रेलिया जाने के इच्छुक अभ्यर्थी के पास पासपोर्ट अवश्य होना चाहिए। साथ ही वहां के विश्वविद्यालयों में प्रवेश के लिए, अंग्रेजी भाषा ज्ञान की परीक्षा, आईईएलटीएस (इंटरनेशनल इंग्लिश लेंग्वेज टेस्टिंग सिस्टम) होती है जो प्रत्येक माह में तीन बार होती है। इसमें बैठने के लिए न्यूनतम आयु 16 वर्ष एवं मान्य पासपोर्ट होना आवश्यक है। यहां के विश्वविद्यालयों में प्रवेश के लिए जीआरई (ग्रेजुएट रिकार्ड एक्जामिनेशन) नहीं देना होता है। जबकि कुछ बिजनेस स्कूलों में मास्टर डिग्री कोर्स में दाखिले के लिए जीमैट (ग्रेजुएट मैनेजमेंट एप्टीच्यूट टेस्ट) का स्कोर आवश्यक है। बैचलर व मास्टर डिग्री में प्रवेश के लिए आईईएलटीसी परीक्षा में, अभ्यर्थियों को 6 प्वाइंट स्कोर करना होता है जबकि डिप्लोमा में 5.5 प्वाइंट स्कोर करने पर प्रवेश मिल जाता है। भारत में आईईएलटीसी की परीक्षाएं आईडीपी एजूकेशन आस्ट्रेलिया और ब्रिटिश काउंसिल आयोजित करती है। वहां पढ़ाई के लिए जाने के इच्छुक अभ्यर्थियों के लिए खास बात यह है कि यदि आईईएलटीसी का स्कोर आस्ट्रेलिया वीजा प्राप्त करने के स्कोर से कम हुआ तो उनको वहां मुख्यधारा के कोर्स के साथ ईएलआईसीओएस (इंगलिश लैंग्वेज इनवेंटिव कोर्स फॉर ओवरसीज स्टूडेंट) कोर्स भी करना अनिवार्य होता है। आईईएलटीएस से संबंधित जानकारी वेबसाइट www. ieltsindia. com से प्राप्त की जा सकती है। वर्तमान में इस टेस्ट की फीस 6500 रुपये है।

आर्थिक सहायता
एक अनुमान के अनुसार किसी भी विद्यार्थी को आस्ट्रेलिया स्थित संस्थानों से एमबीए के लिए लगभग 33,865 आस्ट्रेलियाई डॉलर (लगभग 11 लाख रुपये) टयूशन फीस देनी पड़ती है। साथ ही वहां बैचलर डिग्री के लिए लगभग 12 से 19 हजार आस्ट्रेलियाई डॉलर (लगभग साढ़े चार लाख से छह लाख रुपये) तथा मास्टर डिग्री के लिए 12 से 28 हजार आस्ट्रेलियाई डॉलर (लगभग साढ़े चार लाख से सवा नौ लाख रुपये) वार्षिक फीस जमा करनी होती है। डिप्लोमा के पाठयक्रमों में वार्षिक 8,500 से 11 हजार आस्ट्रेलियाई डॉलर (लगभग ढाई लाख से चार लाख रुपये) खर्च आता है। इसके अलावा किसी भी विद्यार्थी को एक वर्ष में लगभग 10 हजार से 14 हजार आस्ट्रेलियाई डॉलर (लगभग साढ़े तीन लाख से पांच लाख रुपये) के बीच रहने-खाने में खर्च आता है। आस्ट्रेलिया में अध्ययन के लिए लगभग 500 से भी अधिक छात्रवृत्तियां उपलब्ध हैं। यहां के अधिकतर विश्वविद्यालय जहां शैक्षणिक योग्यता के आधार पर छात्रवृत्तियां प्रदान करते हैं। वहीं कई स्तरीय व अंतरराष्ट्रीय संस्थान अच्छे छात्रों को फेलोशिप भी प्रदान करते हैं। साथ ही वहां पढ़ाई करने के लिए जाने के इच्छुक छात्र-छात्राओं को कई सरकारी, प्राइवेट और विदेशी बैंक सस्ते दर पर लोन भी उपलब्ध कराते हैं। इन छात्रवृत्तियों की जानकारी www.jason .unimelb. edu.au पर तथा लोन के लिए संबंधित बैंकों की जानकारी www.ausgoindia. com पर उपलब्ध हैं।

वीजा
तीन माह से अधिक अल्पकालिक या पूर्णकालिक पाठयक्रमों में प्रवेश के लिए स्टूडेंट वीजा आस्ट्रेलियाई दूतावास मुहैया कराता है। इसमें 6 से 8 सप्ताह का वक्त लगता है। वर्तमान में इसकी फीस लगभग 14,000 रुपये है। वीजा प्राप्त करने के लिए आवेदन पत्र के साथ आईईएलटीसी में प्राप्तांक, पासपोर्ट संबंधित कोर्स एवं विश्वविद्यालय के स्वीकृति पत्र के अलावा वहां जाने के कारणों का उल्लेख करते हुए एक घोषणा पत्र भी जमा करना होता है। साथ ही पढ़ाई के दौरान खर्च की वस्तुस्थिति भी आवेदन पत्र के साथ संलग्न करनी होती है। अभ्यर्थी वीजा के लिए सीधे दूतावास से या स्थानीय एजूकेशन एजेंटों के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। इन केंद्रों पर वीजा के लिए आवेदन किया जा सकता है-
1. 2ए/23, झंडेवालन एक्सटेंशन, नई दिल्ली – 110055
2. राहेजा टावर, 5003, ओमेगा विंग 113124, अन्ना सलाई, चेन्नई-600002
3. 22, कामर्स स्ट्रीट, कोलकाता-700016
4. 21 सी, मित्तल टावर, सी विंग, नरीमन प्वाइंट, मुंबई-400021
5. 219 राहेजा चेम्बर,12, म्यूजियम रोड, बंगलूर-560001
6. हेड ऑफिस 5-188/2, सुमित बिल्डिंग, हिल फोर्ट रोड, हैदराबाद-500004

कोर्स के उपरांत आस्ट्रेलिया के विश्वविद्यालयों की खास बात यह है कि इन सभी में कैरियर एवं रोजगार कार्यालय बनाए गए हैं। ये विद्यार्थियों को विश्व के हर कोने में उपलब्ध नौकरी की जानकारी देते रहते हैं। इनके द्वारा छात्रों को प्लेसमेंट के लिए सहयोग भी दिया जाता है। इससे संबंधित जानकारी छात्रों को www.immi.gov.au एवं www.gradsonline.edu.au/gradsonline पर भी मिल सकती है। आस्ट्रेलिया के विश्वविद्यालयों की जानकारी 222.ह्यह्लह्वस्त्र1द्यद्बठ्ठद्बष्. ष्श्रद्व पर भी प्राप्त की जा सकती है तथा किसी भी बदलाव की जानकारी भारत स्थित आस्ट्रेलियाई दूतावास में मिल सकती है।
आस्ट्रेलिया एजूकेशन सेंटर आस्ट्रेलियाई हाई कमीशन 1/50 जी, शांतिपथ, चाणक्यपुरी, नई दिल्ली-110021, फोन: 011-51494360, 51399900 (एक्स-260)ई-मेल : ace.india@dfat. द्दश्र1.ड्डह्व

अन्य संस्थान
आईडीपी, फ्लैट नं. – 513-515, पांचवां फ्लोर, इंटरनेशनल ट्रेड टावर, नेहरू प्लेस, नई दिल्ली-110019फोन : 011-262135504, 26284406, ई-मेल : info@pacsia. org, वेबसाइट : www.idp.com
बीआईईसी जी-5, तीसरा तल,साउथ एक्सटेंशन मार्केट, पार्ट-1, नई दिल्ली-49 फोन : 011-56647696 ई-मेल : viec@del2.vsnl. net.in , वेबसाइट: www.vieceducation.com

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