सेना की उड़नतश्तरियां तैयार

अब उड़नतश्तरियां विज्ञान कथाओं का हिस्सा भर नहीं। शोधकर्ताओं ने वास्तव में उड़नतश्तरियां तैयार कर ली हैं। बगैर मानव की यह उड़नतश्तरियां सीधे ऊपर जा सकती हैं और कहीं भी भेजी जा सकती हैं। यही नहीं वे कहीं भी उतर सकती हैं।

एक हैलीकॉप्टर के मुकाबले ज्यादा सस्ते और सुरक्षित इन यानों को अमेरिका के रक्षा विभाग ने ओके कर दिया है। अमेरिका इन्हें शहरी इलाकों में युद्ध के लिए परफेक्ट मानता है। अंडाकार उड़नतश्तरियां प्रोपेलर के जरिए चलती हैं जो उनके चारों ओर की हवा को नीचे दबाकर उन्हें ऊपर उठाने में मदद करता है। यह यान हवा में 10 मील प्रति घंटा की रफ्तार से चल सकता है।

हालांकि इस यान की सबसे बड़ी कमी अभी इसका ईंधन ज्यादा खाना है। इसके पंखे तेजी के साथ बैटरी खत्म कर लेते हैं। हालांकि इस एयरक्राफ्ट के कई उपयोग वैज्ञानिकों ने खोजे हैं। युद्ध के अलावा विभीषिका के दौरान लोगों के बचाव, फसलों और पाइपलाइनों के निरीक्षण और हवा में तस्वीरें लेना जैसे काम इनसे लिए जा सकते हैं। पीटरबरो, इंग्लैंड में जीएफएस प्रोजेक्ट्स के डायरेक्टर डेविड स्टील का कहना है कि आप इसे किसी बड़े जहाज की तरह काफी ऊंचाई पर भी ले जा सकते हैं। जीएफएस का मतलब है ज्याफ्स फ्लाइंग सॉसर। यह नाम इसे ज्याफ हैटन के नाम पर दिया गया है, जिसने पहली बार इसका कंसेप्ट दिया था।

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