क्रिएटिविटी का कमाल

फैशन डिजाइनिंग का क्षेत्र पिछले कुछ वर्षो से पूरे विश्व में तेजी से आगे बढ़ा है। इसका कारण ग्लैमर और खूबसूरती के प्रति लोगों का बढ़ता आकर्षण है। यदि आप क्रिएटिव सोच रखते हैं और ग्लैमर की दुनिया से जुड़कर नाम और पैसा कमाना चाहते हैं, तो फैशन व ज्यूलरी डिजाइनिंग का क्षेत्र चुन सकते हैं। डिजाइनर परिधानों और ज्यूलरी की बढ़ती मांग की वजह से इस क्षेत्र में रोजगार की संभावनाएं भी काफी बढ़ गई हैं। अगर आंकड़ों पर नजर डालें ,तो इसका घरेलू बाजार लगभग 40 हजार करोड़ रुपए का है। यही नहीं, परिधानों का एक्सपोर्ट मार्केट भी तकरीबन 28 हजार करोड़ रुपये का है। अगर आप में भी आर्टिस्टिक व क्रिएटिव सोच और न्यू ट्रेंड स्थापित करने का जोश है, तो आपके लिए यह क्षेत्र काफी बेहतर हो सकता है। इतना ही नहीं, अपनी क्रिएटिविटी की बदौलत आप भी बन सकते हैं-मनीष मल्होत्रा, राघवेंद्र राठौर, सब्यसाची मुखर्जी, रितु बेदी, आशिमा-लीना, रोहित बल, रितु कुमार, रीना ढाका, मनीष अरोड़ा, हेमंत त्रिवेदी, डेविड अब्राहम, मोनिषा जयसिंह और अनीता डोंगरे जैसे मशहूर डिजाइनर। मतलब साफ है कि आप भी कमाएंगे ग्लैमर की दुनिया में ढेर सारा नाम व पैसा और साथ ही आपको मिलेगा एक्सपोजर का भरपूर मौका भी।

क्या हो योग्यता
फैशन डिजाइनर बनना पूरी तरह से आर्टिस्टिक और क्रिएटिव सोच पर निर्भर है। इस बारे में दिल्ली स्थित पीसी मंगल वसन के डाइरेक्टर अमित गर्ग कहते हैं, डिजाइनर के लिए आइडिया स्केचिंग के साथ-साथ फैशन के पल-पल बदलते ट्रेंड को समझने की काबिलियत होना काफी जरूरी है। फैशन डिजाइनर के लिए कटिंग, ड्रेपिंग और सिलाई का अच्छा ज्ञान भी आवश्यक है। इसके साथ ही विजुअल इमेजिनेशन भी काफी जरूरी है। चूंकि फैशन का ट्रेंड तेजी से बदल रहा है, इसलिए आपको मार्केट की मांग और जरूरतों की अच्छी समझ रखनी पड़ेगी। साथ ही, मार्केट के हिसाब से अपने डिजाइन को अपडेट करने की काबिलियत भी आप में होनी चाहिए। एक बात हमेशा याद रखनी चाहिए कि ओरिजनलिटी और नयापन इस पेशे की खास जरूरत है। ज्यूलरी डिजाइनिंग के बारे में पीसी ज्वेलर्स के मैनेजिंग डाइरेक्टर बलराम गर्ग ने कहा, एक अच्छा ज्यूलरी डिजाइनर बनने के लिए क्रिएटिविटी के साथ-साथ सोना, चांदी, हीरा व स्टोन की पहचान और उसकी समझ काफी मायने रखती है। साथ ही वे कहते हैं, विदेशों में हैंडमेड ज्यूलरी की काफी मांग है, इसके मद्देनजर ज्यूलरी डिजाइनिंग के क्षेत्र में रोजगार के काफी अवसर सामने आ रहे हैं। एनसाइन की सीईओ डॉ. स्मिता चौधरी के अनुसार जेम्स एंड ज्यूलरी इंडस्ट्री आज विश्व की सर्वाधिक सृजनात्मक उद्योग बन गई है। इसका कारण फैशन की ओर लगातार बढ़ता रुझान है। समुचित प्रशिक्षण प्राप्त लोगों को इस क्षेत्र में बेहतर करियर अवसर मिल सकता है।एनसाइन में जेम्स एंड ज्यूलरी से संबंधित कोर्सो के तहत हर तरह की जानकारी दी जाती है।

जॉब की संभावनाए
फैशन और ज्यूलरी डिजाइनर्स के लिए निम्नलिखित क्षेत्रों में जॉब मिलने की संभावना होती है :
गारमेंट, टेक्सटाइल, हैंडलूम और रत्न व आभूषण एक्सपोर्ट्स हाउस में।
फैशन शो आयोजक या फैशन पब्लिशर के रूप में।
टेलीविजन या फिल्म के फैशन प्रोडयूसर, कॉस्टयूम डिजाइनर और ज्यूलरी डिजाइनर के रूप में। फैशन फोटोग्राफर और कोरियोग्राफर के रूप में।
इसके अलावा आप स्वतंत्र रूप से भी काम कर सकते हैं। इस बारे में पीसी मंगल वसन के डाइरेक्टर अमित गर्ग कहते हैं, डिजाइनिंग के साथ-साथ मार्केटिंग और फाइनेंस की भी अच्छी समझ होनी चाहिए।

कोर्स
ग्रेजुएट और पोस्ट ग्रेजुएट दोनों तरह के कोर्स होते हैं। निफ्ट में ग्रेजुएट प्रोग्राम 4 साल का होता है। इसके लिए न्यूनतम योग्यता 10+2 है। पोस्ट ग्रेजुएट प्रोग्राम दो साल का होता है। कुछ संस्थानों में ग्रेजुएट डिप्लोमा और पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा प्रोग्राम भी चलाए जाते हैं। प्रवेश के लिए लिखित परीक्षा, गु्रप डिस्कशन और फिर इंटरव्यू होता है।। प्रमुख संस्थान निम्नवत हैं :

परिधान व ज्यूलरी डिजाइनिंग नेशनल इंस्टीटयूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी, नई दिल्ली
नेशनल इंस्टीटयूट ऑफ डिजाइन, अहमदाबाद
इंटरनेशनल इंस्टीटयूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी, नई दिल्ली
एपीजे इंस्टीटयूट ऑफ डिजाइन, तुगलकाबाद, दिल्ली
दिल्ली साउथ दिल्ली पॉलिटेक्निक
यंग वुमेंस ट्रेनिंग इंस्टीटयूट, दिल्ली
पॉलिटेक्निक फॉर वुमेन, साउथ एक्स., नई दिल्ली
एनसाइन-द ज्यूल डिजाइन इंस्टीटयूट,सिटी टॉवर, माल रोड, नेताजी सुभाष प्लेस, पीतमपुरा, नई दिल्ली, वेबसाइट :www.ensign.in इंडियन इंस्टीटयूट ऑफ जेमोलॉजी, करोलबाग, दिल्ली
इंडियन डायमंड इंस्टीटयूट, सूरत
ज्यूलरी डिजाइन एंड टेक्नोलॉजी इंस्टीटयूट, नोएडा

कमाई
शुरुआती दौर में आप 10 से 15 हजार रुपये की कमाई कर सकते हैं। जैसे-जैसे आपका अनुभव बढ़ता जाएगा, आपकी कमाई लगातार बढ़ती जाएगी। अगर आपने कोई नया ट्रेंड ला दिया, तो आप लाखों में खेलेंगे।

प्रेम चन्द्र गुप्ता कुछ अलग करने का जज्बा

क्रिएटिविटी के साथ-साथ घंटों लगातार मेहनत करते रहने की क्षमता इस क्षेत्र में सफलता की प्रमुख शर्त है। साथ ही लगातार नए-नए आइडियाज जेनरेट करना भी इस क्षेत्र में सफल होने के लिए बहुत ही आवश्यक है। लोगों की पसंद को जानने के साथ-साथ मार्केट की मांग के हिसाब से खुद को अपडेट करना पड़ता है। कुछ नया और अलग हटकर करने का दबाव हमेशा बना रहता है। प्रेशर हैंडल करते हुए बेहतर काम करना जरूरी है। आजकल काफी अवसर सामने आ रहे हैं, बस जरूरत है अच्छे प्रयास की और कुछ अलग कर गुजरने के जज्बे की।

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