अहंकारी कंगारुओं के जबड़े से जीत छीनी

भारत ने हार को न पचा पाने की मनोवृत्ति की ग्रसित की रिकी पोंटिंग की टीम के जबड़े से जीत छीनकर सीरीज में वापसी की है। उसकी यह जीत दंभी पोंटिंग को करारा जवाब है जिन्होंने भारतीय खिलाड़ियों को ढोंगी करार दिया था। ऑस्ट्रेलिया को सीरीज में अपराजित रहने के लिए चौंथे वन डे में 292 रनों की दरकार थी। लेकिन अंतिम 20 गेंदों में भारतीयों ने कमाल की गेंदबाजी और क्षेत्ररक्षण करते हुए विश्व चैंपियन को तीन साल बाद मात देने में सफलता हासिल कर ली। मेहमान टीम निर्धारित 50 ओवरों में 7 विकेट पर 284 रन ही बना सकी। महेंद्र सिंह धोनी को विस्फोटक अर्धशतक और विकेट के पीछे दो अहम स्टंपिंग के लिए मैन ऑफ द मैच चुना गया।

आरपी ने पारी का यह 47 वां ओवर फेकते हुए अपनी पांचवी गेंद पर साइमंड्स का विकेट लिया। अगली ही गेंद पर नए बल्लेबाज हॉग रन आउट हो गए। मुरली कार्तिक ने पारी के 48 वें ओवर में सिर्फ 2 रन देकर ऑस्ट्रेलिया को नाटकीय पराजय की ओर धकेल दिया। नतीजतन अंतिम 12 गेंदों पर ऑस्ट्रेलिया को 22 रन की दरकार थी। आरपी ने जोरदार गेंदबाजी करते हुए सिर्फ 6 रन देकर मैच को लगभग भारत की झोली में डाल दिया। पूरे मैच में खराब गेंदबाजी करने वाले जहीर ने अंतिम ओवर फेंकते हुए पहली गेंद पर चौका खाने के बाद अगली पांच गेंदों पर ऑस्ट्रेलिया को सिर्फ 3 रन ही बनाने दिए और भारत ने लगभग हारा हुआ मैच 8 रन से जीत लिया।

292 रनांे का पीछा करते हुए ऑस्ट्रेलिया ने शुरुआत अपने चिर परिचित अंदाज में की। एडम गिलक्रिस्ट(१८) और हैडन (92) ने पहले पांच ओवरों में 37 रन जोड़कर जोरदार शुरुआत की। गिली के आउट होने के बाद हैडन ने पोंटिंग(29) के साथ मिलकर टीम का मार्च जारी रखा। दोनों ने दूसरे विकेट के लिए तेजी से 85 रन जोड़ टीम को जीत की ओर अग्रसर कर दिया। पोंटिंग एक इरफान की चतुराई से धोनी के हाथों स्टंप हो गए। हालांकि वे निर्णय से संतुष्ट नहीं थे। कप्तान का स्थान लेने आए क्लार्क(10) जल्दी ही हरभजन को एक रिटर्न कैच देकर चलते बने। पांचवे नंबर पर खेलने आए साइमंड्स(75) ने आते ही हाथ दिखना प्रारंभ किए। हैडन-साइमंड्स के बीच हुई साझेदारी से मेहमान टीम एक आसान जीत की ओर बढ़ती दिखी। दोनों ने समझबुझ और आक्रमकता से खेल दिखाते हुए चौंथे विकेट के लिए 58 रन की साझेदानी निभाई। हैडन दुर्भाग्यशाली रहे वे अपने इस साल के छठे शतक से 8 रन दूर रह गए। उनके आउट होने पर टीम को शेष 16 ओवरों में 102 रन बनाने थे। साइमंड्स के रहते यह बेहद आसान दिख रहा था। मैच हॉज के 44 वें ओवर में आउट होने के बाद फंसता दिखाई दिया।

भारतीय बल्लेबाजों ने सीरीज के पहले दो मैचों में अपने शर्मनाक प्रदर्शन से चेतते हुए ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ चौंथे वन डे इंटरनेशनल में 4 विकेट पर 291 रनों का अच्छा स्कोर खड़ा किया है। सचिन तेंडुलकर का इसमें सबसे अहम योगदान रहा। उन्होंने 119 गेंदों पर 79 रन की पारी खेली। लेकिन इस दौरान उन्होंने पहले विकेट के लिए गांगुली(41) के साथ पहले विकेट के लिए 91 रनों की साझेदारी कर मजबूत स्कोर की आधारशिला रखी। इसके बाद उन्होंने युवी(39) के साथ दूसरे विकेट के लिए 83 और धोनी (50) के साथ तीसरे विकेट के लिए 47 रन जोड़े। सचिन ने खामोश शुरुआत करते हुए ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों की सधी हुई गेंदबाजी का बखूबी सामना कर बाद के बल्लेबाजों के लिए बेहतर प्लेटफार्म तैयार किया। अंतिम 25 गेंदों में उथप्पा(30) और धोनी ने 47 रन जोड़े।

कुल मिलाकर सभी बल्लेबाजों ने अपने बल्ले से अहम योगदान दिया। आज भारत ने हैदराबाद में खेली एकादश में तीन बदलाव किए। सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर की जगह सौरव गांगुली, रोहित शर्मा की जगह मुरली कार्तिक और श्रीसंथ की जगह आरपी को टीम में जगह दी गई। दूसरी ओर ऑस्ट्रेलिया ने स्टुअर्ट क्लार्क की जगह नाथन ब्रेकन को शामिल किया। भारत के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का निर्णय लिया था।

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